Red PURPLE BLACK

विशेष वार्ता

 लाईव्ह अपडेट :  शुभवार्ता >>  बीकेवार्ता पाठक संख्या एक करोड के नजदिक -  दिनदूगीनी रात चौगुनी बढरही  पाठकसंख्या बीकेवार्ता की ---- पाठको को लगातार नई जानकारी देनें मेे अग्रेसर रही बीकेवार्ता , इसी नवीनता के लिए पाठको का आध्यात्तिक प्यार बढा ---- सभी का दिलसे धन्यवाद --- देखीयें हमारी नई सेवायें >>>  ब्रहमाकुमारीज द्वारा आंतरराष्टीय सेवायें  | ब्रहमाकुमारीज वर्गीकत सेवायें |आगामी कार्यक्रम | विश्व और भारत महत्वपूर्ण दिवस | विचारपुष्प |


 

FrontPage Slide Show

नया मलयालम टीवी चैनल

कोच्चि: केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री, माननीय। मुरलीधरन ने ब्रह्म कुमारियों का नया मलयालम चैनल लॉन्च किया - मलयाली को समर्पित राजयोग टीवी मलयालम। यह एक पूर्ण चैनल है जो हमारी ज़रूरत की हर चीज़ वितरित करता है। भारतीय दर्शन विज्ञान और अध्यात्म का सामंजस्य है। यह चैनल ब्रह्म कुमारियों की मानवता की समग्र दृष्टि का प्रमाण है। मंत्री ने अपने…

आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

मध्यप्रदेश के राज्य कैबिनेट मंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र प्रदान किया मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन में ब्रह्मा कुमारिस संगठन के प्रयासों की सराहना की। मध्य प्रदेश सरकार में पशुपालन और मत्स्यपालन मंत्री और प्रभारी मंत्री श्री लखन सिंह यादव, मुरैना जिला कलेक्टर, प्रियंका दास के साथ, प्रशासन की ओर से इस…

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर   ग्वालियर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल विंग के स्थानीय सेवाकेंद्र “प्रभु उपहार भवन, माधवगंज लश्कर ग्वालियर” द्वारा निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में परामर्श देनें के लिए डॉ. निर्मला कंचन (स्त्री रोग विशेषज्ञ), एवं…

Advertising Top

 

  • सेवा समाचार - मॉरीशस में जीएचआरसी, माउंट आबू के डॉ। प्रताप मिधा का दौरा - 
    Mauritius Family
    This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
  • Watch "प्रेरणा (Inspiration) (EP-120) Rajyogini Vanita Didi (Jetpur, Gujarat)" on YouTube -https://youtu.be/mBRBP12YcWA
  • भारत के भाई बीके चार्ली की सेवा रिपोर्ट (ऑस्ट्रेलिया) की यात्रा
  • बैंगलोर - ब्रह्मा कुमारियों ने पृथ्वी माता महोत्सव में "प्रकृति मित्र पुरस्कार" से सम्मानित किया

 

महत्वपूर्ण खबरे


Joomla Templates and Joomla Extensions by JoomVision.Com
नया मलयालम टीवी चैनल

नया मलयालम टीवी चैनल

कोच्चि: केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री, माननीय। मुरलीधरन ने ब्रह्म कुमारियों का नया मलयालम चैनल लॉन्च किया - मलयाली को समर्पित राजयोग टीवी मलयालम। यह एक पूर्ण चैनल है जो हमारी…Read more...
आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

मध्यप्रदेश के राज्य कैबिनेट मंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र प्रदान किया मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन में ब्रह्मा कुमारिस संगठन के प्रयासों…Read more...
19 मई (आबूरोड) आध्यात्मिकता और भौतिकता के संगम से होगा विश्व परीवर्तन.

19 मई (आबूरोड) आध्यात्मिकता और भौतिकता के संगम से होगा विश्व परीवर्तन.

19 मई (आबूरोड) आध्यात्मिकता और भौतिकता के संगम से होगा विश्व परीवर्तन. केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र. संस्था के 80 वर्ष कार्यक्रम में वक्तव्य.Read more...

अन्य ख़बरे

Joomla Templates and Joomla Extensions by JoomVision.Com
निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर   ग्वालियर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल विंग के स्थानीय सेवाकेंद्र “प्रभु…Read more...
आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

मध्यप्रदेश के राज्य कैबिनेट मंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र प्रदान किया मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन में ब्रह्मा कुमारिस संगठन के प्रयासों…Read more...
युवा शिविर का सफल आयोजन.

युवा शिविर का सफल आयोजन.

त्रिनिदाद) युवा शिविर का सफल आयोजन. टोका त्रिनिदाद मेंे हासन्ना बीच रिसोर्ट पर युवा शिविर का आयोजन किया गया. Read more...

 

आज का मुरली प्रवचन
 
 

 Click for More Murlis

  

 

21-11-2019 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन

 


 

“मीठे बच्चे - सन शोज़ फादर, मनमत को छोड़ श्रीमत पर चलो तब बाप का शो कर सकेंगे''

 

प्रश्न:

 

किन बच्चों की रक्षा बाप जरूर करते ही हैं?

 

उत्तर:

 

जो बच्चे सच्चे हैं, उनकी रक्षा जरूर होती है। अगर रक्षा नहीं होती है तो अन्दर में जरूर कोई न कोई झूठ होगा। पढ़ाई मिस करना, संशय में आना माना अन्दर में कुछ न कुछ झूठ है। उन्हें माया अंगूरी मार देती है।

 

प्रश्न:

 

किन बच्चों के लिए माया चुम्बक है?

 

उत्तर:

 

जो माया की खूबसूरती की तरफ आकर्षित हो जाते हैं, उन्हों के लिए माया चुम्बक है। श्रीमत पर चलने वाले बच्चे आकर्षित नहीं होंगे।

 

ओम् शान्ति।

 

रूहानी बाप बैठ रूहानी बच्चों को समझाते हैं, यह तो बच्चों ने निश्चय किया है रूहानी बाप हम रूहानी बच्चों को पढ़ाते हैं। जिसके लिए ही गायन है-आत्मायें परमात्मा अलग रहे बहुकाल... मूल-वतन में अलग नहीं रहते हैं। वहाँ तो सब इकट्ठे रहते हैं। अलग रहते हैं तो जरूर आत्मायें वहाँ से बिछुड़ती हैं, आकरके अपना-अपना पार्ट बजाती हैं। सतोप्रधान से उतरते-उतरते तमोप्रधान बनती हैं। बुलाते हैं पतित-पावन आकर हमको पावन बनाओ। बाप भी कहते हैं हम हर 5 हज़ार वर्ष के बाद आते हैं। यह सृष्टि का चक्र ही 5 हज़ार वर्ष है। आगे तुम यह नहीं जानते थे। शिवबाबा समझाते हैं तो जरूर कोई तन द्वारा समझायेंगे। ऊपर से कोई आवाज़ तो नहीं करते हैं। शक्ति वा प्रेरणा आदि की कोई बात नहीं। तुम आत्मा शरीर में आकर वार्तालाप करती हो। वैसे बाप भी कहते हैं मैं भी शरीर द्वारा डायरेक्शन देता हूँ। फिर उस पर जो जितना चलते हैं, अपना ही कल्याण करते हैं। श्रीमत पर चलें वा न चलें, टीचर का सुनें वा न सुनें, अपने लिए ही कल्याण वा अकल्याण करते हैं। नहीं पढ़ेंगे तो जरूर फेल होंगे। यह भी समझाते रहते हैं शिवबाबा से सीखकर फिर औरों को सिखलाना है। फादर शोज़ सन। जिस्मानी फादर की बात नहीं। यह है रूहानी बाप। यह भी तुम समझते हो जितना हम श्रीमत पर चलेंगे उतना वर्सा पायेंगे। पूरा चलने वाले ऊंच पद पायेंगे। नहीं चलने वाले ऊंच पद नहीं पायेंगे। बाप तो कहते हैं मुझे याद करो तो तुम्हारे पाप कट जाएं। रावण राज्य में तुम्हारे पर पाप तो बहुत चढ़े हुए हैं। विकार में जाने से ही पाप आत्मा बनते हैं। पुण्य आत्मा और पाप आत्मा जरूर होते हैं। पुण्य आत्मा के आगे पाप आत्मायें जाकर माथा टेकती हैं। मनुष्यों को यह पता नहीं है कि देवतायें जो पुण्य आत्मा हैं, वही फिर पुनर्जन्म में आते-आते पाप आत्मा बनते हैं। वह तो समझते हैं यह सदैव पुण्य आत्मा हैं। बाप समझाते हैं, पुनर्जन्म लेते-लेते सतोप्रधान से तमोप्रधान तक आते हैं। जब बिल्कुल पाप आत्मा बन जाते हैं तो फिर बाप को बुलाते हैं। जब पुण्य आत्मा हैं तो याद करने की दरकार नहीं रहती। तो यह तुम बच्चों को समझाना है, सर्विस करनी है। बाप तो नहीं जाकर सबको सुनायेंगे। बच्चे सर्विस करने लायक हैं तो बच्चों को ही जाना चाहिए। मनुष्य तो दिन-प्रतिदिन असुर बनते जाते हैं। पहचान न होने कारण बकवास करने में भी देरी नहीं करते हैं। मनुष्य कहते हैं गीता का भगवान कृष्ण है। तुम समझाते हो वह तो देहधारी है, उनको देवता कहा जाता है। कृष्ण को बाप नहीं कहेंगे। यह तो सब फादर को याद करते हैं ना। आत्माओं का फादर तो दूसरा कोई होता नहीं। यह प्रजापिता ब्रह्मा भी कहते हैं-निराकार फादर को याद करना है। यह कारपोरियल फादर हो जाता है। समझाया तो बहुत जाता है, कई पूरा न समझकर उल्टा रास्ता ले जंगल में जाकर पड़ते हैं। बाप तो रास्ता बताते हैं स्वर्ग में जाने का। फिर भी जंगल तरफ चले जाते हैं। बाप समझाते हैं तुमको जंगल तरफ ले जाने वाला है-रावण। तुम माया से हार खाते हो। रास्ता भूल जाते हो तो फिर उस जंगल के कांटे बन जाते हो। वह फिर स्वर्ग में देरी से आयेंगे। यहाँ तुम आये ही हो स्वर्ग में जाने का पुरूषार्थ करने। त्रेता को भी स्वर्ग नहीं कहेंगे। 25 परसेन्ट कम हुआ ना। वह फेल गिना जाता है। तुम यहाँ आये ही हो पुरानी दुनिया छोड़ नई दुनिया में जाने। त्रेता को नई दुनिया नहीं कहेंगे। नापास वहाँ चले जाते हैं क्योंकि रास्ता ठीक पकड़ते नहीं। नीचे-ऊपर होते रहते हैं। तुम महसूस करते हो जो याद होनी चाहिए वह नहीं रहती। स्वर्गवासी जो बनते हैं उनको कहेंगे अच्छे पास। त्रेता वाले नापास गिने जाते हैं। तुम नर्कवासी से स्वर्गवासी बनते हो। नहीं तो फिर नापास कहा जाता है। उस पढ़ाई में तो फिर दुबारा पढ़ते हैं। इसमें दूसरा वर्ष पढ़ने की तो बात नहीं। जन्म-जन्मान्तर, कल्प-कल्पान्तर वही इम्तहान पास करते हैं जो कल्प पहले किया है। इस ड्रामा के राज़ को अच्छी रीति समझना चाहिए। कई समझते हैं हम चल नहीं सकते हैं। बुढ़ा है तो उनको हाथ से पकड़कर चलाओ तो चलेंगे, नहीं तो गिर पड़ेंगे। परन्तु तकदीर में नहीं है तो कितना भी जोर देते फूल बनाने का, परन्तु बनते नहीं। अक भी फूल होता है। यह कांटे तो चुभते हैं।
बाप कितना समझाते हैं। कल तुम जिस शिव की पूजा करते थे वह आज तुमको पढ़ा रहे हैं। हर बात में पुरूषार्थ के लिए ही जोर दिया जाता है। देखा जाता है-माया अच्छे-अच्छे फूलों को नीचे गिरा देती है। हड़गुड़ तोड़ देती है, जिसको फिर ट्रेटर कहा जाता है। जो एक राजधानी छोड़ दूसरे में चला जाता है उनको ट्रेटर कहा जाता है। बाप भी कहते हैं मेरे बनकर फिर माया का बन जाते हैं तो उनको भी ट्रेटर कहा जाता है। उनकी चलन ही ऐसी हो जाती है। अब बाप माया से छुड़ाने आये हैं। बच्चे कहते हैं-माया बड़ी दुश्तर है, अपनी तरफ बहुत खींच लेती है। माया जैसे चुम्बक है। इस समय चुम्बक का रूप धरती है। कितनी खूबसूरती दुनिया में बढ़ गई है। आगे यह बाइसकोप आदि थोड़ेही थे। यह सब 100 वर्ष में निकले हैं। बाबा तो अनुभवी है ना। तो बच्चों को इस ड्रामा के गुहय राज़ को अच्छी रीति समझना चाहिए, हरेक बात एक्यूरेट नूँधी हुई है। सौ वर्ष में यह जैसे बहिश्त बन गया है, आपोजीशन के लिए। तो समझा जाता है-अब स्वर्ग और ही जल्दी होना है। साइंस भी बहुत काम में आती है। यह तो बहुत सुख देने वाली भी है ना। वह सुख स्थाई हो जाए उसके लिए इस पुरानी दुनिया का विनाश भी होना है। सतयुग के सुख हैं ही भारत के भाग्य में। वह तो आते ही बाद में हैं, जब भक्तिमार्ग शुरू होता है, जब भारतवासी गिरते हैं तब दूसरे धर्म वाले नम्बरवार आते हैं। भारत गिरते-गिरते एकदम पट पर आ जाता है। फिर चढ़ना है। यहाँ भी चढ़ते हैं फिर गिरते हैं। कितना गिरते हैं, बात मत पूछो। कोई तो मानते ही नहीं कि बाबा हमको पढ़ाते हैं। अच्छे-अच्छे सर्विसएबुल जिनकी बाप महिमा करते हैं वह भी माया के चम्बे में आ जाते हैं। कुश्ती होती है ना। माया भी ऐसे लड़ती है। एकदम पूरा गिरा देती है। आगे चल तुम बच्चों को मालूम पड़ता जायेगा। माया एकदम पूरा सुला देती है। फिर भी बाप कहते हैं एक बार ज्ञान सुना है तो स्वर्ग में जरूर आयेंगे। बाकी पद तो नहीं पा सकेंगे ना। कल्प पहले जिसने जो पुरूषार्थ किया है वा पुरूषार्थ करते-करते गिरे हैं, ऐसे ही अब भी गिरते और चढ़ते हैं। हार और जीत होती है ना। सारा मदार बच्चों का याद पर है। बच्चों को यह अखुट खजाना मिलता है। वह तो कितना लाखों का देवाला मारते हैं। कोई लाखों का धनवान बनते हैं, सो भी एक जन्म में। दूसरे जन्म में थोड़ेही इतना धन रहेगा। कर्मभोग भी बहुत है। वहाँ स्वर्ग में तो कर्मभोग की बात होती नहीं। इस समय तुम 21 जन्मों के लिए कितना जमा करते हो। जो पूरा पुरूषार्थ करते हैं, पूरा स्वर्ग का वर्सा पाते हैं। बुद्धि में रहना चाहिए हम बरोबर स्वर्ग का वर्सा पाते हैं। यह ख्याल नहीं करना है कि फिर नीचे गिरेंगे। यह सबसे जास्ती गिरे अब फिर चढ़ना ही है। ऑटोमेटिकली पुरूषार्थ भी होता रहता है। बाप समझाते हैं-देखो, माया कितनी प्रबल है। मनुष्यों में कितना अज्ञान भर गया है, अज्ञान के कारण बाप को भी सर्वव्यापी कह देते हैं। भारत कितना फर्स्टक्लास था। तुम समझते हो हम ऐसे थे, अब फिर बन रहे हैं। इन देवताओं की कितनी महिमा है, परन्तु कोई जानते नहीं हैं, तुम बच्चों के सिवाए। तुम ही जानते हो बेहद का बाप ज्ञान सागर आकर हमको पढ़ाते हैं फिर भी माया बहुतों को संशय में ला देती है। झूठ कपट छोड़ते नहीं। तब बाप कहते हैं-सच्चा-सच्चा अपना चार्ट लिखो। परन्तु देह-अभिमान के कारण सच नहीं बताते हैं। तो वह भी विकर्म बन जाता है, सच बताना चाहिए ना। नहीं तो बहुत सजा खानी पड़ती है। गर्भ जेल में भी बहुत सजा मिलती है। कहते हैं तोबां-तोबां.. हम फिर ऐसा काम नहीं करेंगे। जैसे किसको मार मिलती है तो भी ऐसे माफी माँगते हैं। सज़ा मिलने पर भी ऐसे करते हैं। अभी तुम बच्चे समझते हो माया का राज्य कब से शुरू हुआ है। पाप करते रहते हैं। बाप देखते हैं-यह इतना मीठे-मीठे मुलायम नहीं बनते हैं। बाप कितना मुलायम बच्चे मिसल हो चलते हैं, क्योंकि ड्रामा पर चलते रहते हैं। कहेंगे जो हुआ ड्रामा की भावी। समझाते भी हैं कि आगे फिर ऐसा न हो। यह बापदादा दोनों इकट्ठे हैं ना। दादा की मत अपनी, ईश्वर की मत अपनी है। समझना चाहिए कि यह मत कौन देता है? यह भी बाप तो है ना। बाप की तो माननी चाहिए। बाबा तो बड़ा बाबा है ना, इसलिए बाबा कहते हैं ऐसे ही समझो शिवबाबा समझाते हैं। नहीं समझेंगे तो पद भी नहीं पायेंगे। ड्रामा के प्लेन अनुसार बाप भी है, दादा भी है। बाप की श्रीमत मिलती है। माया ऐसी है जो महावीर, पहलवानों से भी कोई न कोई उल्टा काम करा देती है। समझा जाता है यह बाप की मत पर नहीं हैं। खुद भी फील करते हैं, मैं अपनी आसुरी मत पर हूँ। श्रीमत देने वाला आकर उपस्थित हुआ है। उनकी है ईश्वरीय मत। बाप खुद कहते हैं इनकी अगर कोई ऐसी मत मिल भी गई तो भी उनको मैं ठीक करने वाला बैठा हूँ। फिर भी हमने रथ लिया है ना। हमने रथ लिया तब ही इसने गाली खाई है। नहीं तो कभी गाली नहीं खाई। मेरे कारण कितनी गाली खाते हैं। तो इनकी भी सम्भाल करनी पड़े। बाप रक्षा जरूर करते हैं। जैसे बच्चों की रक्षा बाप करते हैं ना। जितना सच्चाई पर चलते हैं उतनी रक्षा होती है। झूठे की रक्षा नहीं होती। उनकी तो फिर सज़ा कायम हो जाती है। इसलिए बाप समझाते हैं - माया तो एकदम नाक से पकड़कर खत्म कर देती है। बच्चे खुद फील करते हैं माया खा लेती है तो फिर पढ़ाई छोड़ देते हैं। बाप कहते हैं पढ़ाई जरूर पढ़ो। अच्छा, कहाँ किसका दोष है। इसमें जैसा जो करेगा, सो भविष्य में पायेगा क्योंकि अभी दुनिया बदल रही है। माया ऐसे अंगुरी मार देती है जो वह खुशी नहीं रहती है। फिर चिल्लाते हैं-बाबा, पता नहीं क्या होता है। युद्ध के मैदान में बहुत खबरदार रहते हैं कि कहाँ कोई अंगूरी न मार दे। फिर भी जास्ती ताकत वाले होते हैं तो दूसरे को गिरा देते हैं। फिर दूसरे दिन पर रखते हैं। यह माया की लड़ाई तो अन्त तक चलती रहती है। नीचे-ऊपर होते रहते हैं। कई बच्चे सच नहीं बताते हैं। इज्ज़त का बहुत डर है-पता नहीं बाबा क्या कहेंगे। जब तक सच बताया नहीं है तब तक आगे चल न सकें। अन्दर में खटकता रहता है, फिर वृद्धि हो जाती है। आपेही सच कभी नहीं बतायेंगे। कहाँ दो हैं तो समझते हैं यह बाबा को सुनायेंगे तो हम भी सुना दें। माया बड़ी दुश्तर है। समझा जाता है उनकी तकदीर में इतना ऊंच पद नहीं है तो सर्जन से छिपाते हैं। छिपाने से बीमारी छूटेगी नहीं। जितना छिपायेंगे उतना गिरते ही रहेंगे। भूत तो सबमें हैं ना। जब तक कर्मातीत अवस्था नहीं बनी, तब तक क्रिमिनल आई भी छोड़ती नहीं है। सबसे बड़ा दुश्मन है काम। कई गिर पड़ते हैं। बाबा तो बार-बार समझाते हैं शिवबाबा के सिवाए कोई देहधारी को याद नहीं करना है। कई तो ऐसे पक्के हैं, जो कभी किसकी याद भी नहीं आयेगी। पतिव्रता स्त्री होती है ना, उनकी कुबुद्धि नहीं होती है। अच्छा!
मीठे-मीठे सिकीलधे बच्चों प्रति मात-पिता बापदादा का याद-प्यार और गुडमॉर्निंग। रूहानी बाप की रूहानी बच्चों को नमस्ते।

 

धारणा के लिए मुख्य सार:

 

1) हमें पढ़ाने वाला स्वयं ज्ञान का सागर, बेहद का बाप है, इसमें कभी संशय नहीं लाना है, झूठ कपट छोड़ अपना सच्चा-सच्चा चार्ट रखना है। देह-अभिमान में आकर कभी ट्रेटर नहीं बनना है।

 

2) ड्रामा को बुद्धि में रख बाप समान बहुत-बहुत मीठा मुलायम (नम्र) बनकर रहना है। अपना अहंकार नहीं दिखाना है। अपनी मत छोड़ एक बाप की श्रेष्ठ मत पर चलना है।

 

वरदान:

 

साथी को सदा साथ रख सहयोग का अनुभव करने वाले कम्बाइन्ड रूपधारी भव

 

सदा “आप और बाप'' ऐसे कम्बाइन्ड रहो जो कोई भी अलग न कर सके। कभी अपने को अकेला नहीं समझो। बापदादा अविनाशी साथ निभाने वाले आप सबके साथी हैं। बाबा कहा और बाबा हाज़िर है। हम बाबा के, बाबा हमारा। बाबा आपकी हर सेवा मे सहयोग देने वाले है सिर्फ अपने कम्बाइन्ड स्वरूप के रूहानी नशे में रहो।

 

स्लोगन:

 

सेवा और स्व-उन्नति दोनों का बैलेन्स हो तो सदा सफलता मिलती रहेगी।

 


 

 details 

 

     

   बीकेवार्ता वेबपोर्टल : उदघाटन के ऐतिहासिक क्षण प्रकाशन शुभारम्भ दि 28 नवम्बर, 2009


  

बीकेवार्ता आर्टिकल बँक

बीकेवार्ता आर्टिकल बँक - ब्रहृमाकुमारीज वार्ता का अनोखा प्रयास  

आध्यात्मिक ज्ञान के आधार पर विभिन्न प्रकार के आर्टिकल्स्

इस आर्टिकल बँक की विशेषताएँ -

 1  लेख की भाषा निहाय कॅटेगरी बनी हुई है आपको इस कॅटेगरी को चुनना होगा, उसमे जो आर्टिकल होगे उस को सिलेक्ट कर आप डाऊनलोड कर सकतें है

इस हेतु अधिक विस्तत सहायता हेतू यहाँ क्लिक करें - विस्तत सहायता / जानकारी

आर्टिकल डाऊनलोड हेतू यहॉ क्लिक करें

 

आर्टिकल बँक के उद्देश्य :

बहूतसे सेवाकेंद्र की तथा प्रेस के भाई बहनों की माँग रहती है की उन्हें नये विषय पर ब्राहृाकुमारीज् आर्टिकल्स की आवश्यकता रहती है. जैसे मन की शांती, जीवन में सुख शांती प्राप्त करने की बातें, तनाव मुक्त जीवन आदि विषयोंपर समाचार पत्रों के लिए तथा पढने के लिए तथा दुसरों को समझाने हेतू आर्टिकल्स चाहिए और वह भी हिंदी तथा अपनी प्रादेशिक/रिजनल भाषाओं में, बीकेवार्ता ने इस बात को देखते हूए बहनों तथा भाइयों की मांग को कुछ हद तक पूरी करने का प्रयास किया है, ज्ञानसागर परमात्मा से कुछ ज्ञान की अंजली को जनमाध्यमोंको देने हेतू ज्ञानांजली - बीकेवार्ता आर्टिकल बँक को शुरु किया है,

 

लेख डिपॉझिट करने वाले लेखकों के लिए सूचना 

0 जो लेखक भाई - बहन लिखने की क्षमता रखतें है तथा अपना लेख, विचारों से आध्यात्मिक क्रांती लाना चाहतें है वह अपना लेख इस बँक में डिपॉझिट कर सकतें है . इस बँक में केवल आध्यात्मिक विचारों तथा वैचारिक क्षमताओं को उजागर करनेवालें ही लेख स्विकारें जायेगे. उचित लेखों को लेखक के नाम सहित इस आर्टिकल्स बँक की लिस्ट में शामील किया जायेगा. 

 

0 अपना लेख जीस भाषा में लिखा हो उसको टाईप फॉमेंट में ही स्विकारा जायेगा. आप इसके लिए जो फाँट का प्रयोग करेंगंे वह लेख के साथ अॅटेंच कर भेजें.

 लेख भेजने के लिए bkvarta@gmail.com

 अगर आपको इस संदर्भ में कोई तांत्रिक मदद चाहिए तो 9420664468 इस पर माँग सकतें है 

 

 विश्व पर्यावरण दिवस

संयुक्त राष्ट्र द्वारा सकारात्मक पर्यावरण कार्य हेतु दुनियाभर में मनाया जाने वाला 'विश्व पर्यावरण दिवस' सबसे बड़ा उत्सव है। पर्यावरण और जीवन का अन्योन्याश्रित संबंध है तथापि हमें अलग से यह दिवस मनाकर पर्यावरण के संरक्षण, संवर्धन और विकास का संकल्प लेने की आवश्यकता पड़ रही है। यह चिंताजनक ही नहीं, शर्मनाक भी है। पर्यावरण प्रदूषण की समस्या पर सन् 1972 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने स्टाकहोम (स्वीडन) में विश्व भर के देशों का पहला पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया। इसमें 119 देशों ने भाग लिया और पहली बार एक ही पृथ्वी का सिद्धांत मान्य किया। इसी सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) का जन्म हुआ तथा प्रति वर्ष 5 जून को पर्यावरण दिवस आयोजित करके नागरिकों कोप्रदूषण की समस्या से अवगत कराने का निश्चय किया गया। तथा इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाते हुए राजनीतिक चेतना जागृत करना और आम जनता को प्रेरित करना था। उक्त गोष्ठी में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने 'पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति एवं उसका विश्व के भविष्य पर प्रभाव' विषय पर व्याख्यान दिया था। पर्यावरण-सुरक्षा की दिशा में यह भारत का प्रारंभिक क़दम था। तभी से हम प्रति वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाते आ रहे हैं।

 


 

विचारपुष्प  -   जो संकल्प करो उसे बीच-बीच में दृढ़ता का ठप्पा लगाओ तो विजयी बन जायेंगे ! 

 [ विचारपुष्प का वीडिओ


ब्रह्माकुमारीज खबरे -अन्य वेबसाइट पर 


संस्कार धन - बोध कथा  : मन का राजा 

राजा भोज वन में शिकार करने गए लेकिन घूमते हुए अपने सैनिकों से बिछुड़ गए और अकेले पड़ गए। वह एक वृक्ष के नीचे बैठकर सुस्ताने लगे। तभी उनके सामने से एक लकड़हारा सिर पर बोझा उठाए गुजरा। वह अपनी धुन में मस्त था। उसने राजा भोज को देखा पर प्रणाम करना तो दूर, तुरंत मुंह फेरकर जाने लगा।
भोज को उसके व्यवहार पर आश्चर्य हुआ। उन्होंने लकड़हारे को रोककर पूछा, ‘तुम कौन हो?’ लकड़हारे ने कहा, ‘मैं अपने मन का राजा हूं।’ भोज ने पूछा, ‘अगर तुम राजा हो तो तुम्हारी आमदनी भी बहुत होगी। कितना कमाते हो?’ लकड़हारा बोला, ‘मैं छह स्वर्ण मुद्राएं रोज कमाता हूं और आनंद से रहता हूं।’ भोज ने पूछा, ‘तुम इन मुद्राओं को खर्च कैसे करते हो?’ लकड़हारे ने उत्तर दिया, ‘मैं प्रतिदिन एक मुद्रा अपने ऋणदाता को देता हूं। वह हैं मेरे माता पिता। उन्होंने मुझे पाल पोस कर बड़ा किया, मेरे लिए हर कष्ट सहा। दूसरी मुद्रा मैं अपने ग्राहक असामी को देता हूं ,वह हैं मेरे बालक। मैं उन्हें यह ऋण इसलिए देता हूं ताकि मेरे बूढ़े हो जाने पर वह मुझे इसे लौटाएं।

तीसरी मुद्रा मैं अपने मंत्री को देता हूं। भला पत्नी से अच्छा मंत्री कौन हो सकता है, जो राजा को उचित सलाह देता है ,सुख दुख का साथी होता है। चौथी मुद्रा मैं खजाने में देता हूं। पांचवीं मुद्रा का उपयोग स्वयं के खाने पीने पर खर्च करता हूं क्योंकि मैं अथक परिश्रम करता हूं। छठी मुद्रा मैं अतिथि सत्कार के लिए सुरक्षित रखता हूं क्योंकि अतिथि कभी भी किसी भी समय आ सकता है। उसका सत्कार करना हमारा परम धर्म है।’ राजा भोज सोचने लगे, ‘मेरे पास तो लाखों मुद्राएं है पर जीवन के आनंद से वंचित हूं।’ लकड़हारा जाने लगा तो बोला, ‘राजन् मैं पहचान गया था कि तुम राजा भोज हो पर मुझे तुमसे क्या सरोकार।’ भोज दंग रह गए।

 


ब्रह्माकुमारीज् की प्रमुख खबरें -

 

 

  चित्रों सहित विस्तार से समाचार के लिए क्लिक करें  


 

बोध कथा-

विचार की पवित्रता

एक राजा और नगर सेठ में गहरी मित्रता थी। वे रोज एक दूसरे से मिले बिना नहीं रह पाते थे। नगर सेठ चंदन की लकड़ी का व्यापार करता था। एक दिन उसके मुनीम ने बताया कि लकड़ी की बिक्री कम हो गई है। तत्काल सेठ के मन में यह विचार कौंधा कि अगर राजा की मृत्यु हो जाए, तो मंत्रिगण चंदन की लकडि़यां उसी से खरीदेंगे। उसे कुछ तो मुनाफा होगा। शाम को सेठ हमेशा की तरह राजा से मिलने गया। उसे देख राजा ने सोचा कि इस नगर सेठ ने उससे दोस्ती करके न जाने कितनी दौलत जमा कर ली है, ऐसा कोई नियम बनाना होगा जिससे इसका सारा धन राज खजाने में जमा हो जाए।
दोनों इसी तरह मिलते रहे, लेकिन पहले वाली गर्मजोशी नहीं रही। एक दिन नगर सेठ ने पूछ ही लिया, ‘पिछले कुछ दिनों से हमारे रिश्तों में एक ठंडापन आ गया है। ऐसा क्यों?’ राजा ने कहा, ‘मुझे भी ऐसा लग रहा है। चलो, नगर के बाहर जो महात्मा रहते हैं, उनसे इसका हल पूछा जाए।’ उन्होंने महात्मा को सब कुछ बताया। महात्मा ने कहा, ‘सीधी सी बात है। आप दोनों पहले शुद्ध भाव से मिलते रहे होंगे, पर अब संभवत: एक दूसरे के प्रति आप लोगों के मन में कुछ बुरे विचार आ गए हैं इसलिए मित्रता में पहले जैसा सुख नहीं रह गया।’ नगर सेठ और राजा ने अपने-अपने मन की बातें कह सुनाईं। महात्मा ने सेठ से कहा,’ तुमने ऐसा क्यों नहीं सोचा कि राजा के मन में चंदन की लकड़ी का आलीशान महल बनवाने की बात आ जाए? इससे तुम्हारा चंदन भी बिक जाता। विचार की पवित्रता से ही संबंधों में मिठास आती है। तुमने राजा के लिए गलत सोचा इसलिए राजा के मन में भी तुम्हारे लिए अनुचित विचार आया। गलत सोच ने दोनों के बीच दूरी बढ़ा दी। अब तुम दोनों प्रायश्चित करके अपना मन शुद्ध कर लो, तो पहले जैसा सुख फिर से मिलने लगेगा।’ 5  

संग्रहित समाचार

 

आर्टिकल्स

नई टेक्नॉलॉजि(IT)

मनोरंजन

 

MAIN MENU

जीवनपरिवर्तन लेखमाला

ब्रहमाकुमारीज वर्गीकत सेवायें


  1. स्पार्क [SPARC] प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  2. सुरक्षा सेवाएँ प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  3. कला, संस्कृति प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  4. खेल प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  5. ग्राम विकास प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  6. धार्मिक प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  7. न्यायविद प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  8. परिवहन और यात्रा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  9. शिपींग और टुरिझाम की सेवाओं का समाचार
  10. प्रशासक सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  11. महिला सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  12. मीडिया प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  13. मेडिकल प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  14. युवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  15. वैज्ञानिक और इंजीनियर प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  16. व्यापार एवं उद्योग प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  17. शिक्षा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  18. समाज सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  19. राजनितीज्ञ सेवा प्रभाग सेवाओं का समाचार

आर्टिकल्स

सोशल नेटवर्किंग से हमें जुडे़

           

 

विश्व और भारत महत्वपूर्ण दिवस


 देश विदेश के सेवाकेंद्रो द्वारा सेवायें


 

 


 

महाशिवरात्री संदेश दि. 22 से 28 फरवरी, 2017 रात 12 बजे तक 7 दिनमें 

7 करोंड व्हाटसएप युजर्स को दिया जायेगा महाशिवरात्री का आध्यात्मिक रहस्य

ओमशान्ति मीडिया पत्रिका, बीकवार्ता वेबपोर्टल तथा डॉ. दिपक हरके का संयुक्त उपक्रम

वंडर बुक ऑफ रिकार्ड इंटरनॅशनल, लंदन में दर्ज होगा विश्व किर्तीमान

 

अहमदनगर (प्रतिनिधी) हम प्रतिवर्ष भक्तिभाव से महाशिवरात्री महोत्सव मनाते है, किन्तू यह उत्सव क्या मनाते ? इसके पिछे छिपा आध्यात्मिक क्या है ? इसकी जानकारी कुछ ही लोगो के पास है ? महाशिवरात्री के आध्यात्मिक रहस्य को हम अपने जीवन में समझकर अपने जीवनमें प्रतिपल खुश रहने हेतू महाशिवरात्री संदेश देना आवश्यक है  दि. 22 से 28 फरवरी, 2017 की रात 12 से 7 करोड व्हॉटसअॅप युजर्सको महाशिवरात्रीका आध्यात्मिक संदेश प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओरसे पहूंचाया जायेगा. ओमशान्ति मीडिया पत्रिका, www.bkvarta.com बीकवार्ता वेबपोर्टल तथा डॉ. दिपक हरके का यह संयुक्त उपक्रम है.

 

इसके पूर्व का विश्व विक्रम डॉ. दिपक हरके इनके नाम पर है, दिपावली का आध्यात्मिक रहस्य का ऑडिओ मॅसेज 1 करोड 352 व्हॉटस्अॅप युजर्स को 29 अक्तुबर 2016 को रात 12 बजे से 20 अक्तुबर, 2016 के रात बजे बजे तक भेजकर उन्होने यह उपलब्ध हासिल की थी. महाशिवरात्री का विश्वविक्रमी संदेश प्राप्त करने के लिए 9422288888 इस व्हॉटसअॅप मैसेज पर WR एैसा मॅसेज भेजकर आप यह संदेश प्राप्त कर सकतें है. विश्वविक्रम में सहभागीता पत्र प्राप्त करने के लिए हरएक सहभागी व्यक्ति निर्धारीत राशी जमा कर वंडर बुक ऑफ रिकार्डमें सहभाग प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकतें है . इस विश्वविक्रम का उदघाटन भारतीय क्रीकेट टिम के उपकप्तान अजिंक्य रहणे इनके शुभहस्तोंसे मुंबई के बीकेसीस्थित एमसीए क्लब में सपन्न हूआ. इस उपक्रम के बारें में रहाने ने डॉ. दिपक हरके को बधाई दी तथा ब्रह्माकुमारीज् के मानवसेवा के कार्य की सराहना की. 

 

 

१३ मार्च (पालक्कड:केरला) ध्यान महोत्सव का आयोजन. विभीन्य मान्यवारोंने किया राजयोग ध्यान अभ्यास.

 

31 जनवरी (भूवनेश्वर) वार्षिकोत्सव मनाया गया. सेवाकेंद्र के एक वर्ष पूर्ती पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

 


 

30 जनवरी (विलेपार्ले:मुंबई) सफल सारथी अवार्ड. ट्रान्सपोर्ट एण्ड ट्रॅव्हल्स प्रभागद्वारा यह अवार्ड प्राप्त ड्रायव्हर भाईयों को सम्मानित किया गया.

 


 

29 जनवरी (हैद्राबाद) मुख्यमंत्री महोदय शान्तिसरोवर में. भ्राता एम. चंद्राबाबू नायडूजीने शांती सरोवर भेट की. शांतीसरांेवर के दसवें वर्धापन दिन कार्यक्रम का उदघाटन उन्होंने किया.


 

28 जनवरी (जयपूर:राज.) अंतरराष्ट्रीय खेल सम्मेलन मंें ईश्वरीय संदेश. स्पोटर्स एण्ड फिजिकल एज्युकेशन विषयपर आयोजित इस मम्मेलन में बीके जगबीरभाईने दिया संदेश.


 

27 जनवरी (मडिकेरी:कर्ना.) कर्म की गती गुह्य है. - भगवानभाई सेंट्रल जेल में ब्र.कु भगवानभाई, माऊंट आबू ने दिया ईश्वरीय संदेश


 

26 जनवरी (मंगलौर:कर्ना.) सेंट्रल जेल में दिया ईश्वरीय संदेश. ब्र.कु भगवानभाई, माऊंट आबू ने दिया ईश्वरीय संदेश.


 

25 जनवरी (मालाड:मुंबई)फिल्म इन्स्टि. में मेडिटेशन रुम का उदघाटन. प्रसिध्द फिल्म निर्देशक तथा निर्माता भ्राता सुभाष घई ने विशअलींग फिल्म इन्स्टि. में मेडिटेशन रुम का उघाटन किया

 


 

24 जनवरी (कटघोरा) आध्यात्मिक समागम एवं सम्मान समारोह संपन्न. नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधीयों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया.


 

23 जनवरी (लातूर:महा.) उर्जा छात्र-क्लब स्थापित. गणतंत्र दिवस के अवसरपर विवेकानंद विद्यालय, सीबीएससी लातूर में महाराष्ट्र उर्जा छात्र क्लब की स्थापना की गई


 

22 जनवरी (बिलासपूर:छ.ग.) आरके नगर में सरस्वती झाँकी. राजकिशोर नगर, बीके रुपा बहनने माँ सरस्वती की महिमा का प्रवचन किया.


21 जनवरी (शान्तिवन) रेडिओ मधुबन वर्धापन दिन. ब्रहमाकुमारीज कम्युनिटी रेडिओ मधुबन का 4 था वर्धापन दिवस मनाया गया.

 


 

20 जनवरी (मालाड:मुंबई) सुरक्षीत रास्ता सप्ताह. एसटी डिपो में हुआ कार्यक्रम.


 

19 जनवारी (केशोद:गुज) यात्रा खुशनुमा जीवन की और कार्यक्रम संपन्न. ब्र.कु.डा. सविता, माऊंट आबूने किया मार्गदर्शन.


 

18 जनवरी (आबूपर्वत:पाण्डवभवन) पिताश्रीजी का स्मृतिदिवस. विश्वशांती दिवस के रुप में समूचे विश्व में मनाया गया.


 

17 जनवरी (विशाखापट्टणम) विधायक महोदय को दिया संदेश. नये वर्ष का संदेश भ्राता विष्णु कुमार राजू जी को बीके शशीकला बहनने दिया 


 

16 जनवरी (मुंबई) 102वीं विज्ञान परिषद में स्पार्क सेवा. मुंबई विश्व विद्यालय में आयोजित इस परिषदमें स्प्रिच्ुअल एप्लीकेशन एण्ड रिसर्च की सुंदर सेवा हुई


 

15 जनवरी (जयपूर) नारित्वदर्शन की सहभागीता. जयपूर अन्तरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टीवल में नारित्व दर्शन को नॉमिनेट किया गया.


 

14 जनवरी (शान्तिवन) रिडिकव्हरींग ऑफ लाईफ. वैज्ञानिक तथा अभियंता प्रभागद्वारा राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया


 

13 जनवरी (शान्तिवन) ब्र.कु. करुणाभाईजी का 75 वाँ जनमदिन. ब्रहमाकुमारीज संस्था के मीडिया उपाध्यक्ष तथा मल्टीमीडिया प्रभारी ब्र.कु. करुणाभाईजी के जनमदिन की प्लेटिनम ज्युबिली हर्षोल्हाससे मनाई गई.


 

12 जनवरी (शांतीवन)दादीजी का 99 वाँ जनमदिन मनाया. ब्रहमाकुमारीज संस्था की मुख्य प्रशासिका ददी जानकीजी का जन्मदिन बहुत ही उमंग उत्साहसे मनाया गया


 

11 जनवरी (मा.आबू) बीके केदारभाई का अभिनंदन किया दादीजीने. राजस्थान सरकारद्वारा उर्जा संरक्षण पुरस्कार प्राप्त करनेवाले बीके केदारभाई (उर्जा ऑडिटर) का अभिनंदन दादी रतनमोहिनीजी, बीके रमेशभाईजीने किया.


 

10 जनवरी (टिकरापारा:बीलासपूर) बालिका शिक्षा शिविर में सदेश. सरस्वती शिशु मंदिर उच्चस्तर मा. विद्यालय में बीके मंजू बहनने दिया ईश्वरीय संदेश.


 

09 जनवरी (राहूरी:महा.) आज की शाम भगवान के नाम. ब्र.कु. सुरजभाई, मा. आबू, ब्र.कु. गीताबहन पुना तथा उषा बहन राहूरी ने दिया ईश्वरीय संदेश. ब्र.कु. बद्रिश हेहाडरायने मीडियाद्वारा पहूंचाया संदेश


 

08 जनवरी (कलपेट्टा:केरला) केंद्रीय विद्यालय में दिया ईश्वरीय संदेश. ब्र.कु. भगवानभाई, आबू पर्वत ने  कही नैतिक मूल्यों की बा


 

07 जनवरी (बार्शि:महा.) कुंकूलोक हायस्कूल में ईश्वरीय संदेश. बीके संगीताबहनने दिया संदेश


 

06 जनवरी (केशोद) महान जादुगर विरागभाई हकुभा को दिया संदेश. बी.के. सत्याबहन, तथा बीके शिल्पा बहनने दिया परिचय.


 

05 जनवरी (हरिद्वार) ऋषीकुल में संत स्नेहमीलन, ब्र.कु.मिनाबहनने परमपिता परमात्मा का दिया सत्य परिच


 

04 जनवारी (बंेगलौर) फ्रि आय चेकींग कॅम्प. सेवाकेंद्र की ओरसे आयोजित कॅम्प में सहभागीयों दिया गया संदे


 

03 जनवरी (लिमा,पेरु:फ्रान्स)कोप-20 में ब्रहमाकुमारीज् की सहभागीता. क्लायमेंट चेंज कॉन्फरन्स में ब्रहमाकुमारीजने किया सहभाग


 

02 जनवरी (वाशी:मुंबई) सदभावना सभा में ब्रहमाकुमारीज् सहभाग. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की औरसे आयोजित इस मीटिंग में बहनोंने दिया संदेश


 

01 जनवरी (तिनसुखीया:आसाम) स्वर्णीम युग की पुन:स्थापना. गीता के भगवान को प्रत्यक्ष करने के सम्मेलनको, बी के ब्रजमोहनभाईजी, देहली, ब्र.कु. उषाबहनजी मा. आबू, बीके आशा बहनजी ने किया सम्बोधित

 

31 मार्च (कोरबा) नारी सुरक्षा अभियान. मानिकपुर में नारी सुरक्षा अभियान अंतर्गत व्याख्यान संपन्न हुआ


 

 

30 मार्च (राजिम) राज्यपाल महोदय को ई·ारीय संदेश. छत्तीसगढ़ के मान. राज्यपाल महामहिम शेखरदत्त जी को ई·ारीय संदेश दिया बहन पुष्पाने. इनके साथ ब्रा.कु. नारायणभाई और सांसद चन्दूलालजी उपस्थित थे.


 

29 मार्च (पिंपरी:पुना) शिवज्ञान दर्शन मेला. ब्र.कु पारुदीदी, ब्र.कु. सुरेखा बहन, उद्योजक संदिप वाघेरे इनके करकमलोंद्वारा इसका उदघाटन किया गया.


 

28 मार्च (बोरवली:मुंबई) दिव्या बहन को वूमन ऑफ एक्सलन्स अवार्ड. आंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में लाला लजपतराय इन्सिस्ट¬ूट आफ मॅनेजमेंट की औरसे ब्राहृाकुमारी दिव्या बहन को आध्यत्मिक क्षेत्र में अद्वितीय कार्य करने पर वूमन ऑफ एक्सलन्स अवार्ड से सम्मानित किया गया. डा. कमल गुप्ताजी, चेअरमन एलएलआय ने सम्मानित किया.


 

27 मार्च (अंजार-कच्छ:गुज.) रतनमणी मेटल एण्ड ट¬ूब लि. में कार्यक्रम. मुंदरा सेवाकेंद्र से ब्रा.कु. सुशला बहन ने मोटीवेशनल ट्रेनिंग शिविर करवाया.


 

26 मार्च (सायन:मुंबई) शांती उद्यान में महिला दिवस. आंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष मंे ब्राहृाकुमारी संतोषदिदीजी के प्रमुख उपस्थित में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. वरीष्ठ इन्स्पेक्टर बहन सुजाथा को इस समय ई·ारीय संदेश दिया गया.


 

25 मार्च (गुलबर्गा) 47 फिट शिवलिंग का भव्य आयोजन. विशाल द्वादर्श ज्योतिलिंग अमृतसरोवर में 5000 स्केअर फिट जगह पर किया गया. हर रोज दो हजार के करीब श्रद्धालु दर्शन करने आते थे.


 

24 मार्च (नेपाल) फ्यूचर ऑफ पावर. समाज के गणमान्य व्यक्तियों के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन पोखरा में किया गया.


 

23 मार्च (शांतीवन) रेडिओ मधुबन ने मनाया महिला दिवस. आंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में, नारित्व दर्शन कार्यक्रम का आयाजन ब्राहृाकुमारीज् सामुदायीक रेडिओ स्टेशन , रेडिओ मधुबन ने आयोजित किया.


 

22 मार्च (बार्शी) महिला दिवस मनाया गया. सेवाकेंद्र की औरसे आंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया

 


 

21 मार्च (मनीपाल:कर्ना.) 35 फिट महाशिवलिंग. शहर के मुख्य स्थान के सर्कल में भगवान शिव की 35 फिट शिवलिंग की भव्य प्रतिमा लगाई गई.


 

20 मार्च (विलेपार्ले:मुंबई) टीवी तथा फिल्म कलाकरोंने मनाई शिवरात्री. लाखंण्डवाला क्षेत्र में टीवी तथा फिल्म कलाकर डाली बींद्रा, श्रीमती ज्योत्सना डिगे आदियांेने शिवजयंती मनाई.


 

19 मार्च (चेंबुर:मुंबई) 40 फिट शिवलिंग दर्शन. पहली बार भगवान शिव के 40 फिट ऊँचाईवाले शिवलिंगका दर्शन लिया श्रद्धालुओंने.


 

18 मार्च (मुंबई) नारी सुरक्षा, हमारी सुरक्षा. महिला सशक्तिकरण हेतु निकाली गई रॅली. समाज की सभी वर्गो की महिलाओं लिया हिस्सा.


 

17 मार्च (बैंगलौर) शिवजयंती महोत्सव. भगवान शिव का भव्य ज्योतिलिंग स्थापन किया गया.शिवलिंगका दर्शन लिया श्रद्धालुओंने.


 

16 मार्च (बार्शी) शिवजयंती महोत्सव. भ.के. गव्हाने, पत्रकार, विनोद बुडूख, अध्यक्ष लायन्स कल्ब, प्रकाश महामुनी, अध्यक्ष, लायन्स क्लब, तेजस बखारीया, अध्यक्ष, रोटरी क्लब, मोहनभाई, संगीत बहन, वर्षा बहन, राणी बहन महादेवी बहन वैजिनाथभाई आदियोंने किया शिवध्वजारोहण.


 

15 मार्च (चेन्नई) बारा ज्योतिलिंगम् दर्शन. शहर मंे भगवान शिव के बारा ज्योतिलिंगर्म दर्शन करने हेतु भव्य चैतन्य आयोजन किया गया.


14 मार्च (बेलापूर:मुंबई) शिवजयंती महोत्सव. भ्राता मंदा म्हात्रे,पूर्व विधायक, बहन स्नेहल पाठक, टीवी कलाकार, भ्राता आर सी सिंग, बीके शिला, बीके शुभांगी , बीके मिना ने किया उदघाटन


 

13 मार्च (अजमेर) भव्य शिवलिंग का निर्माण. शिवजयंती महोत्सवपर 15फिट का भव्य शिवलिंग का निर्माण किया गया जिसका दर्शन शहर के हजारों श्रद्धालुओंने लिया.


 

12 मार्च (केशोद) शिवजयंती महोत्सव. विधायक भ्राता अरविंदभाई लाडाणी, रोटरी क्लब के प्रमुख भ्राता कांतीभाई चुडासमा, जेसीस के प्रमुख भ्राता रजनीभाई फडदु, प्रो. डो. भुपेन्द्रभाई जेपी तथा बीके रुपा बहन उपस्थित थे


 

11 मार्च (मालाड:लिबर्टी गार्डन) गीतकार श्रवणकुमार पहुंचे शिवरात्रीपर . परमात्मा शिव की मनोरम्य झाँकी.  शिवजयंती महोत्सव पर शिवजयंती की झाँकि निकाली गई. जिसका उदघाटन शोभा बहन, कॅप्टर जीहेना, कॅ. पूनम, बीके राजबेन, बीके कुंती बहन, म्युझीक डायरेक्टर श्रवणकुमार, गीतकार डेबूजीत, चांदमिश्रा, निरजाबहन आदियों के करकमलोंद्वारा किया उदघाटन


 

10 मार्च (कोरबा) शिव शंकर झाँकि. शिवजयंती महोत्सव पर शिवजयंती की झाँकि निकाली गई.


 

09 मार्च (ग्वालियर) शिवजयंती महोत्सव. सेवाकेंद्रकी औरसे शिवजयंती महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया.


 

08 मार्च (नासिक) डो. भटकर सेवाकेंद्रपर. सीडॅक के प्रणेता तथा सुपर कम्प्युटर के जनक डो. विजय भटकर सेवाकेंद्र पर पहुंचे तथा राजयोग अनुभूती की.


 

 

07 मार्च (मालाड:दिडोंशी) सड़क निर्माण में ब्र.कु. योगदान. शहर विकास के अंतर्गत सड़क निर्माण योजना में ब्रह्माकुमारी बहनों ने प्रवचन दिया.


 

06 मार्च (ग्वालीयर:दिनलयाल नगर) शिवपार्वती झाँकि. शिवजयंती महोत्सव पर शिवजयंती की झाँकि निकाली गई.


 


05 मार्च (बाणेर) अमरनाथ की भव्य गुफाये. शिवजयंती महोत्सव पर भव्य अमरनाथ गुफाओं का निर्माण किया गया. जिससे बहोतही सुंदर सेवायें हुई.


04 मार्च (बेलगाम) विश्व की सबसे बडी पतंग. ब्रह्माकुमारीज् की औरसे विश्व की सबसे बडी पतंग का निर्माण किया गया इसमें शिवसंदेश दिया गया. 203 फिट पतंग का निर्माण किया गया.

 


 

03 मार्च (शांतीवन) शिवध्वजारोहण. शिवरात्री महोत्सव पर परमात्मा शिव का ध्वज लहराया बापदादा, दादी जानकीजी तथा वरीष्ठ दादी, भाईयोंने


02 मार्च (हातीना:गुज) महिला सम्मेलनसंपन्न. वडोदरा से पोरबंदर नारी सशक्तिकरण अभियान अंतर्गत कार्यक्रम संपन्न हुआ


 

01 मार्च (गुडगांव) ओआरसी में प्रशासक डायलाग. प्रशासक प्रभाग आयोजित इस सेमिनार में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.


 

बीकेवार्ता सम्माननिय पाठक संख्या

8196758
आज पढनेवाले पाठक
कल पढनेवाले पाठक
पिछले सप्ताह पढनेवाले पाठक
पिछले वर्ष पढनेवाले पाठक
एक तारीखसे अब तक पढनेवाले पाठक
पिछले मास पढनेवाले पाठक
अब तक की पाठक संख्या
1423
3448
14203
5868812
59494
70064
8196758

Your IP: 66.102.6.192
Server Time: 2019-11-21 15:24:39

ब्रहमाकुमारीज वर्गीकत सेवायें


  1. स्पार्क [SPARC] प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  2. सुरक्षा सेवाएँ प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  3. कला, संस्कृति प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  4. खेल प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  5. ग्राम विकास प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  6. धार्मिक प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  7. न्यायविद प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  8. परिवहन और यात्रा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  9. शिपींग और टुरिझाम की सेवाओं का समाचार
  10. प्रशासक सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  11. महिला सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  12. मीडिया प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  13. मेडिकल प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  14. युवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  15. वैज्ञानिक और इंजीनियर प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  16. व्यापार एवं उद्योग प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  17. शिक्षा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  18. समाज सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  19. राजनितीज्ञ सेवा प्रभाग सेवाओं का समाचार

  विश्व और भारत महत्वपूर्ण दिवस


 

Who's Online

We have 105 guests and no members online

हमारी अन्य महत्वपूर्ण लिंक्स्

FrontPage Slide Show

नया मलयालम टीवी चैनल

कोच्चि: केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री, माननीय। मुरलीधरन ने ब्रह्म कुमारियों का नया मलयालम चैनल लॉन्च किया - मलयाली को समर्पित राजयोग टीवी मलयालम। यह एक पूर्ण चैनल है जो हमारी ज़रूरत की हर चीज़ वितरित करता है। भारतीय दर्शन विज्ञान और अध्यात्म का सामंजस्य है। यह चैनल ब्रह्म कुमारियों की मानवता की समग्र दृष्टि का प्रमाण है। मंत्री ने अपने…

आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

मध्यप्रदेश के राज्य कैबिनेट मंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र प्रदान किया मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन में ब्रह्मा कुमारिस संगठन के प्रयासों की सराहना की। मध्य प्रदेश सरकार में पशुपालन और मत्स्यपालन मंत्री और प्रभारी मंत्री श्री लखन सिंह यादव, मुरैना जिला कलेक्टर, प्रियंका दास के साथ, प्रशासन की ओर से इस…

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर   ग्वालियर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल विंग के स्थानीय सेवाकेंद्र “प्रभु उपहार भवन, माधवगंज लश्कर ग्वालियर” द्वारा निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में परामर्श देनें के लिए डॉ. निर्मला कंचन (स्त्री रोग विशेषज्ञ), एवं…

नई टेक्नॉलॉजि(IT)

मनोरंजन