Red PURPLE BLACK

विशेष वार्ता

 लाईव्ह अपडेट :  शुभवार्ता >>  बीकेवार्ता पाठक संख्या एक करोड के नजदिक -  दिनदूगीनी रात चौगुनी बढरही  पाठकसंख्या बीकेवार्ता की ---- पाठको को लगातार नई जानकारी देनें मेे अग्रेसर रही बीकेवार्ता , इसी नवीनता के लिए पाठको का आध्यात्तिक प्यार बढा ---- सभी का दिलसे धन्यवाद --- देखीयें हमारी नई सेवायें >>>  ब्रहमाकुमारीज द्वारा आंतरराष्टीय सेवायें  | ब्रहमाकुमारीज वर्गीकत सेवायें |आगामी कार्यक्रम | विश्व और भारत महत्वपूर्ण दिवस | विचारपुष्प |


 

FrontPage Slide Show

नया मलयालम टीवी चैनल

कोच्चि: केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री, माननीय। मुरलीधरन ने ब्रह्म कुमारियों का नया मलयालम चैनल लॉन्च किया - मलयाली को समर्पित राजयोग टीवी मलयालम। यह एक पूर्ण चैनल है जो हमारी ज़रूरत की हर चीज़ वितरित करता है। भारतीय दर्शन विज्ञान और अध्यात्म का सामंजस्य है। यह चैनल ब्रह्म कुमारियों की मानवता की समग्र दृष्टि का प्रमाण है। मंत्री ने अपने…

आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

मध्यप्रदेश के राज्य कैबिनेट मंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र प्रदान किया मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन में ब्रह्मा कुमारिस संगठन के प्रयासों की सराहना की। मध्य प्रदेश सरकार में पशुपालन और मत्स्यपालन मंत्री और प्रभारी मंत्री श्री लखन सिंह यादव, मुरैना जिला कलेक्टर, प्रियंका दास के साथ, प्रशासन की ओर से इस…

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर   ग्वालियर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल विंग के स्थानीय सेवाकेंद्र “प्रभु उपहार भवन, माधवगंज लश्कर ग्वालियर” द्वारा निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में परामर्श देनें के लिए डॉ. निर्मला कंचन (स्त्री रोग विशेषज्ञ), एवं…

Advertising Top

 

  • सेवा समाचार - मॉरीशस में जीएचआरसी, माउंट आबू के डॉ। प्रताप मिधा का दौरा - 
    Mauritius Family
    This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
  • Watch "प्रेरणा (Inspiration) (EP-120) Rajyogini Vanita Didi (Jetpur, Gujarat)" on YouTube -https://youtu.be/mBRBP12YcWA
  • भारत के भाई बीके चार्ली की सेवा रिपोर्ट (ऑस्ट्रेलिया) की यात्रा
  • बैंगलोर - ब्रह्मा कुमारियों ने पृथ्वी माता महोत्सव में "प्रकृति मित्र पुरस्कार" से सम्मानित किया

 

महत्वपूर्ण खबरे


Joomla Templates and Joomla Extensions by JoomVision.Com
नया मलयालम टीवी चैनल

नया मलयालम टीवी चैनल

कोच्चि: केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री, माननीय। मुरलीधरन ने ब्रह्म कुमारियों का नया मलयालम चैनल लॉन्च किया - मलयाली को समर्पित राजयोग टीवी मलयालम। यह एक पूर्ण चैनल है जो हमारी…Read more...
आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

मध्यप्रदेश के राज्य कैबिनेट मंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र प्रदान किया मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन में ब्रह्मा कुमारिस संगठन के प्रयासों…Read more...
19 मई (आबूरोड) आध्यात्मिकता और भौतिकता के संगम से होगा विश्व परीवर्तन.

19 मई (आबूरोड) आध्यात्मिकता और भौतिकता के संगम से होगा विश्व परीवर्तन.

19 मई (आबूरोड) आध्यात्मिकता और भौतिकता के संगम से होगा विश्व परीवर्तन. केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र. संस्था के 80 वर्ष कार्यक्रम में वक्तव्य.Read more...

अन्य ख़बरे

Joomla Templates and Joomla Extensions by JoomVision.Com
निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर   ग्वालियर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल विंग के स्थानीय सेवाकेंद्र “प्रभु…Read more...
आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

मध्यप्रदेश के राज्य कैबिनेट मंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र प्रदान किया मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन में ब्रह्मा कुमारिस संगठन के प्रयासों…Read more...
युवा शिविर का सफल आयोजन.

युवा शिविर का सफल आयोजन.

त्रिनिदाद) युवा शिविर का सफल आयोजन. टोका त्रिनिदाद मेंे हासन्ना बीच रिसोर्ट पर युवा शिविर का आयोजन किया गया. Read more...

 

आज का मुरली प्रवचन
  

 Click for More Murlis 

31-05-2022 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन


“मीठे बच्चे - तुम्हें शुद्ध नशा होना चाहिए कि हम श्रीमत पर अपने ही तन-मन-धन से खास भारत आम सारी दुनिया को स्वर्ग बनाने की सेवा कर रहे हैं''

प्रश्नः-
तुम बच्चों में भी सबसे अधिक सौभाग्यशाली किसको कहें?

उत्तर:-
जो ज्ञान को अच्छी रीति धारण करते और दूसरों को भी कराते हैं, वे बहुत-बहुत सौभाग्यशाली हैं। अहो सौभाग्य तुम भारतवासी बच्चों का, जिन्हें स्वयं भगवान बैठकर राजयोग सिखला रहे हैं। तुम सच्चे-सच्चे मुख वंशावली ब्राह्मण बने हो। तुम्हारा यह झाड़ धीरे-धीरे बढ़ता जायेगा। घर-घर को स्वर्ग बनाने की सेवा तुम्हें करनी है।

गीत:-
नई उमर की कलियां

ओम् शान्ति। तुम बच्चे समझते हो कि हम सेना हैं। तुम हो सबसे पावरफुल क्योंकि सर्वशक्तिमान् के तुम शिव शक्ति सेना हो। इतना नशा चढ़ना चाहिए। बाबा यहाँ नशा चढ़ाते हैं, घर में जाने से भूल जाते हैं। तुम शिव शक्ति सेना क्या कर रहे हो? सारी दुनिया जो रावण की जंजीरों में बंधी हुई है, उनको छुड़ाते हो। यह शोकवाटिका में हैं। भल एरोप्लेन में घूमते हैं। बड़े-बड़े मकान हैं, परन्तु यह तो सब खत्म होने वाले हैं। इनको रुण्य के पानी (मृगतृष्णा) मिसल राज्य कहा जाता है। बाहर से देखने में भभका बहुत है, अन्दर पोलमपोल लगा हुआ है। द्रोपदी का मिसाल भी है। बाबा कहते हैं कि मैं जब आया था तो यही सब था जो अभी तुम देख रहे हो। पार्टीशन भी अब हुआ जो तुम देख रहे हो। बाकी लड़ाई के मैदान आदि की तो बात है नहीं। यह रथ है जिसमें शिवबाबा विराजमान हो बैठकर बच्चों को ज्ञान देते हैं। तुम भारत की सेवा कर रहे हो। जो भी त्योहार हैं, इस भारत में मनाये जाते हैं - वह सब अभी के हैं। तीजरी की कथा, गीता की कथा, शिव पुराण, रामायण आदि सभी इस समय के लिए बैठ बनाये हैं। सतयुग, त्रेता में तो यह बात नहीं है। बाद में शास्त्र बनाने शुरू किये हैं। वह तो फिर भी बनेंगे। तुम बच्चों ने सब समझ लिया है। आगे तो बिल्कुल घोर अंधियारे में थे। इस समय कोई भी सृष्टि चक्र को यथार्थ रीति नहीं जानते हैं। अभी तुम बच्चों को शुद्ध अंहकार होना चाहिए। तुम तन-मन-धन से भारत की सेवा कर रहे हो, खास भारत की आम सारी दुनिया की। बाप की मदद से हम मुक्ति जीवनमुक्ति का रास्ता बतलाते हैं। तुम श्रीमत पर ये सेवा करते हो। श्रीमत है शिवबाबा की। परन्तु शिव का नाम गुम कर दिया है। बाकी ब्रह्मा की मत और श्रीकृष्ण की मत दिखाई है। सो भी कृष्ण को द्वापर में ले गये हैं। तुम भारत को स्वर्ग अर्थात् हीरे मिसल बनाते हो। परन्तु हो कितने साधारण, कोई घमण्ड नहीं। तुमको यहाँ अपना सब कुछ स्वाहा करना है, गोया शिवबाबा पर पूरा-पूरा बलि चढ़ना है। तो शिवबाबा फिर 21 जन्म बलि चढ़ते हैं। बाबा ऐसे नहीं कहते कि गृहस्थ व्यवहार नहीं सम्भालना है। वह भी सम्भालना है, परन्तु श्रीमत पर। अविनाशी सर्जन से कुछ छिपाना नहीं। गाया भी जाता है गुरू बिगर घोर अंधियारा। यह ब्रह्मा दादा भी कहते हैं कि शिवबाबा बिगर हम और तुम बिल्कुल घोर अंधियारे में थे। वह तो शिव शंकर को मिला देते हैं। ब्रह्मा कौन है? कब आते हैं? क्या आकर करते हैं? हर एक बात समझना चाहिए ना। जानवर तो नहीं समझेंगे। अभी तुम बच्चे नम्बरवार पुरूषार्थ अनुसार जान गये हो। विद्वान, पण्डित आदि कोई नहीं जानते हैं कि सतगुरू बिगर घोर अन्धियारा है। गुरू लोग तो बहुत हैं। सभी का सतगुरू एक है, जिसको वृक्षपति कहते हैं। तो तुम बच्चों को नशा चढ़ना चाहिए। यह दुनिया जो इन ऑखों से देख रहे हो, वह नहीं रहेगी। जो अब बुद्धि से जानते हो वही रहना है। तो इस पुरानी दुनिया से ममत्व मिटा देना चाहिए। बच्चों को भी सम्भालना है। बाबा को कितने ढेर बाल-बच्चे हैं। कोई तो कहते हैं बाबा हम आपका दो मास का बच्चा हूँ। कोई कहते एक मास का बच्चा हूँ। एक मास के बच्चे भी झट धारणा कर एकदम जवान बन जाते हैं और कोई तो 20 वर्ष वाले भी जामड़े (बौने) बन जाते हैं। यह तो तुम जानते हो कि नया झाड़ है, धीरे-धीरे वृद्धि को पायेंगे। पहले जरूर पत्ते निकलेंगे। बाद में फूल निकलेंगे। यहाँ ही फूल बनना है। वहाँ सब फूल ही फूल हैं। यहाँ तो कोई गुलाब के, कोई चम्पा के बनते हैं। जैसी-जैसी धारणा ऐसा पद मिल जाता है। वहाँ फूल की बात नहीं। मर्तबे की बात है। तो यह नशा रहना चाहिए कि हम इन ऑखों से पवित्र शिवालय स्वर्ग को देखेंगे। आधाकल्प सिर्फ कहते थे कि फलाना स्वर्ग पधारा। वह कामना प्रैक्टिकल में बाप ही अब पूरी करते हैं।

अभी तुम बाप के बच्चे बन जाते हो तो भारत का खाना आबाद हो जाता है। 33 करोड़ देवता गाये जाते हैं, वह इतने कोई सतयुग त्रेता में नहीं रहते हैं। यह तो सारे भारत के देवी-देवता धर्म की आदमशुमारी है। बाहर की तरफ देखो तो कितने फ्रैक्शन पड़ गये हैं। चीन-जापान है तो बौद्धी, नाम फिर भी बौद्ध का लेंगे लेकिन फ्रैक्शन (मतभेद) कितनी है। यहाँ भारत में तो शिवबाबा को उड़ा दिया है, उनको बिल्कुल जानते ही नहीं। चित्र हैं, गाते भी हैं, नंदीगण भी है परन्तु जानते नहीं। अभी तुम बच्चे जानते हो, बाप ने बताया है कि हम परमधाम से आकर यहाँ यह शरीर ले पार्ट बजा रहे हैं। तुम चक्र को जान गये हो। ज्ञान-अंजन सतगुरू दिया, अज्ञान अंधेर विनाश। आगे तो कुछ भी पता नहीं था। अभी बेहद के बाप क्रियेटर, डायरेक्टर, मुख्य एक्टर को तुम जान गये हो। 84 जन्म किसको लेने चाहिए! कौन लेते होंगे, तो तुम जानते हो। तुम्हारा अब तीसरा नेत्र खुला है तो इतना नशा रहना चाहिए। मनुष्य जब शराब पीते हैं तो भल दीवाला मारा हुआ हो तो भी नशे में समझते हैं कि सबसे साहूकार मैं हूँ। बाबा तो वैष्णव थे, कभी टच नहीं किया। बाकी सुना है कि शराब पिया और नशा चढ़ा। कहते हैं कि यादवों ने भी शराब पी, मूसल निकाल एक दो के कुल का नाश किया। यहाँ भी मिलेट्री को शराब पिलाते हैं तो मरने, मारने का ख्याल नहीं रहता। नशा चढ़ जाता है। तो तुम बच्चों को भी सदैव नारायणी नशा रहना चाहिए। हम वही कल्प पहले वाले शक्ति सेना हैं। अनेक बार हमने भारत को हीरे जैसा बनाया है, इसमें मूँझने की बात नहीं है। संशयबुद्धि विनशन्ती, निश्चयबुद्धि विजयन्ती। संशय बुद्धि ऊंच पद नहीं पायेंगे। प्रजा में कम पद पा लेंगे। वहाँ तो तुम्हारे महलों में सदैव बाजे बजते रहेंगे। दु:ख की बात ही नहीं। आगे राजाओं के महलों के दरवाजे के बाहर चबूतरे पर शहनाईयां बजती थी। अभी तो वह राजाओं का ठाठ खत्म हो गया है। प्रजा का राज्य हो गया है।

अभी तुम बच्चे जानते हो कि हम पवित्र बन योग में रह और चक्र को याद करते-करते भारत को स्वर्ग बना देंगे, परन्तु बहुत बच्चे भूल जाते हैं। बाबा राय देते हैं कि सबसे अच्छा कर्तव्य है गरीबों की सेवा करना। आजकल गरीब तो बहुत हैं। मनुष्य हॉस्पिटल बहुत बनाते हैं तो मरीज़ों को सुख मिले, जो हॉस्पिटल खोलेंगे उनको दूसरे जन्म में कुछ अच्छी काया मिलेगी, रोगी नहीं बनेंगे। कोई-कोई अच्छा तन्दरूस्त होते हैं, मुश्किल कभी बीमार होते हैं। तो जरूर आगे जन्म में तन्दरूस्ती का दान दिया होगा। वह है हॉस्पिटल खोलना। कोई एज्यूकेशन में बहुत होशियार होते हैं तो जरूर विद्या का दान किया होगा। कोई-कोई संन्यासियों को छोटेपन में ही शास्त्र कण्ठ हो जाते हैं तो कहेंगे पास्ट जन्म के आत्मा संस्कार ले आई है। तो यहाँ भी कोई 3 पैर पृथ्वी का लेकर यह रूहानी हॉस्पिटल खोले और लिख दे कि आकर 21 जन्मों के लिए हेल्थ का वर्सा लो बाप से। कितनी सहज बात है। तुम पूछते हो बताओ लक्ष्मी-नारायण को यह वर्सा किसने दिया, तो जरूर पूछने वाला खुद जानता होगा। बाप ही स्वर्ग का रचयिता है। कैसे रचता है, वह बैठो तो हम समझायें। हम भी उनसे वर्सा ले रहे हैं। शिवबाबा, ब्रह्मा बाबा द्वारा स्थापना करा रहे हैं फिर पालना भी वही करेंगे। शंकर द्वारा विनाश भी होना है। विनाश जरूर नर्क का होगा ना। नई दुनिया तो अब बन रही है। छोटे से बैज पर तुम समझा सकते हो कि ब्रह्मा द्वारा स्थापना हो रही है। यही राजयोग है। मनुष्य से देवता बनना है, जो अपने कुल का होगा उसको झट दिल में लग जायेगा। उसका चेहरा ही चमक जायेगा और पुरुषार्थ से अपना वर्सा ले लेंगे। अपने ब्राह्मण कुल के जो हैं - वह शुद्र कुल से बदलने जरूर हैं, यह ड्रामा में नूँध है। तुम भारत की बहुत सेवा करते हो परन्तु गुप्त। आगे भी ऐसे-ऐसे की थी। ड्रामा को अभी अच्छी रीति जानना है। गाया जाता है आप मुये मर गई दुनिया। बाकी आत्मा रह जाती है। आत्मा तो मरती नहीं। आत्मा शरीर से अलग हो जाती है तो उनके लिए दुनिया ही नहीं रही। फिर जब शरीर में जायेगी तब माँ-बाप का सम्बन्ध आदि नया होगा। यहाँ भी तुमको अशरीरी बनना है। अभी तो यह दुनिया प्रैक्टिकल में खत्म होनी है।

बाप कहते हैं मुझे याद करते रहो तो विकर्मो का जो बोझा है वह उतर जायेगा और तुम सम्पूर्ण बन जायेंगे। बच्चों के मैनर्स बहुत अच्छे होने चाहिए। बोलना, चलना, खाना, पीना...। बहुत थोड़ा बोलना चाहिए। राजायें लोग बहुत थोड़ा और आहिस्ते बोलते हैं, चुप रहते हैं। तुम्हारे में तो बहुत फज़ीलत (सभ्यता) होनी चाहिए। देवताओं में फज़ीलत थी। यहाँ तो मनुष्य बन्दर मिसल हैं तो बदफज़ीलत हैं। कुछ भी अक्ल नहीं। बेहद का बाप जो सृष्टि को स्वर्ग बनाते हैं, उनको पत्थर ठिक्कर कुत्ते बिल्ली सबमें ढकेल दिया है। माया ने एकदम बुद्धि को गॉडरेज का ताला लगा दिया है। अब बाबा आकर ताला खोलते हैं। अभी तुम बच्चे कितने बुद्धिवान बन गये हो। शिवबाबा, ब्रह्मा, विष्णु, शंकर, लक्ष्मी-नारायण, जगदम्बा आदि सबकी बायोग्राफी को तुम जान गये हो।। अब तुमको सतगुरू शिवबाबा से पूरी समझ मिली है। बाबा नॉलेजफुल है ना। हर एक अपने दिल से पूछे तो बरोबर हम कुछ नहीं जानते थे। बन्दर जैसी चलन थी। अब हम सब जान गये हैं। बाबा नई रचना कैसे रचते हैं। ऊंचे ते ऊंचा ब्राह्मण कुल बनाते हैं सो तुम जानते हो। मूर्ति जो पूज्य है वह कुछ बोलती नहीं है। अभी तुम समझते हो कि हम ही पूज्य फिर पुजारी बनते हैं।

अभी तुम सच्चे-सच्चे ब्रह्मा मुख वंशावली ब्राह्मण हो। तुम जानते हो कि संगम युग पर सतयुग की रचना कैसे होती है, यह और कोई नहीं जानते। बैरिस्टर पढ़ायेगा तो क्या बनायेगा? भगवान भी आकर सहज राजयोग सिखलाते हैं। अहो सौभाग्य भारतवासी बच्चों का... तुम्हारे में भी सौभाग्यशाली वह जो अच्छी रीति धारणा करके दूसरों को कराते रहते हैं। आगे चल बहुत घर स्वर्ग बनेंगे। झाड़ धीरे-धीरे बढ़ता है। मेहनत है। जितना ऊंच जायेंगे उतना माया के तूफान ज़ोर से आयेंगे। पहाड़ी पर जितना ऊंच जायेंगे उतना तूफान ठण्डी आदि का सामना भी होगा। सर्विस में जितना टाइम मिले उतना अच्छा है, एडवरटाइज़ करो। जो दिल में राय आवे वह बताओ कि ऐसे-ऐसे करना चाहिए। बाबा कहेंगे कि भल करो। बिचारे मनुष्य बहुत दु:खी हैं। इस समय सब तमोप्रधान बन पड़े हैं। कोई भी चीज़ सच्ची नहीं रही है। झूठी माया, झूठी काया... अब तुम बच्चे स्वर्गवासी बनते हो।

इस गीत में सीता की महिमा करते हैं। जिस देश में सीता थी, वह देश पवित्र था। उस देश में फिर रावण कहाँ से आया? वन्डर तो यह है कि फिर कहते कि बन्दरों की सेना ली। अब बन्दरों की सेना कहाँ से आई! यहाँ भी मनुष्यों का लश्कर है। गवर्मेन्ट बन्दरों का लश्कर थोड़ेही लेती है। फिर वहाँ बन्दरों की सेना कैसे आई? यह भी समझते नहीं हैं। अच्छा।

मीठे-मीठे सिकीलधे बच्चों प्रति मात-पिता बापदादा का यादप्यार और और गुडमार्निंग। रूहानी बाप की रूहानी बच्चों को नमस्ते।

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) सम्पूर्ण बनने के लिए याद की यात्रा से अपने विकर्मों का बोझ उतारना है, अच्छे मैनर्स धारण करना है। सभ्यता (फज़ीलत) से व्यवहार करना है। बहुत कम बोलना है।

2) किसी भी बात में संशय बुद्धि नहीं बनना है। भारत को स्वर्ग बनाने की सेवा में अपना सब कुछ सफल करना है। शिवबाबा पर पूरा-पूरा बलि चढ़ना है।

वरदान:-
सर्व खजानों को विधि पूर्वक जमा कर सम्पूर्णता की सिद्धि प्राप्त करने वाले सिद्धि स्वरूप भव

63 जन्म सभी खजाने व्यर्थ गंवाये, अब संगमयुग पर सर्व खजानों को यथार्थ विधि पूर्वक जमा करो, जमा करने की विधि है-जो भी खजाने हैं उन्हें स्व प्रति और औरों के प्रति शुभ वृत्ति से कार्य में लगाओ। सिर्फ बुद्धि के लॉकर में जमा नहीं करो लेकिन खजानों को कार्य में लगाओ। उन्हें स्वयं प्रति भी यूज करो, नहीं तो लूज़ हो जायेंगे इसलिए यथार्थ विधि से जमा करो, तो सम्पूर्णता की सिद्धि प्राप्त कर सिद्धि स्वरूप बन जायेंगे।

स्लोगन:-
परमात्म प्यार का अनुभव है तो कोई भी रुकावट रोक नहीं सकती।

 

मीठे-मीठे सिकीलधे बच्चों प्रति मात-पिता बापदादा का यादप्यार और गुडमार्निग। रूहानी बाप की रूहानी बच्चों को नमस्ते।

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) यज्ञ की प्यार से सेवा कर, कदम-कदम पर श्रीमत पर चलते बाप से मन-इच्छित फल अर्थात् विश्व की बादशाही लेनी है।

2) विनाश तो होना ही है - इसलिए अपना सब कुछ सफल कर लेना है। पैसा है तो सेन्टर खोल अनेको के कल्याण के निमित्त बनना है।

वरदान:-
मन्सा द्वारा तीव्रगति की सेवा करने वाले बाप समान मर्सीफुल भव

संगमयुग पर बाप द्वारा जो वरदानों का खजाना मिला है उसे जितना बढ़ाना चाहो उतना दूसरों को देते जाओ। जैसे बाप मर्सीफुल है ऐसे बाप समान मर्सीफुल बनो, सिर्फ वाणी से नहीं, लेकिन अपनी मन्सा वृत्ति से वायुमण्डल द्वारा भी आत्माओं को अपनी मिली हुई शक्तियां दो। जब थोड़े समय में सारे विश्व की सेवा सम्पन्न करनी है तो तीव्रगति से सेवा करो। जितना स्वयं को सेवा में बिजी करेंगे उतना सहज मायाजीत भी बन जायेंगे।

स्लोगन:-
अपने सन्तुष्ट और खुशनुम: जीवन से हर कदम में सेवा करने वाले ही सच्चे सेवाधारी हैं।

 

 

 

संग्रहित समाचार

 

आर्टिकल्स

नई टेक्नॉलॉजि(IT)

मनोरंजन

 

MAIN MENU

जीवनपरिवर्तन लेखमाला

ब्रहमाकुमारीज वर्गीकत सेवायें


  1. स्पार्क [SPARC] प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  2. सुरक्षा सेवाएँ प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  3. कला, संस्कृति प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  4. खेल प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  5. ग्राम विकास प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  6. धार्मिक प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  7. न्यायविद प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  8. परिवहन और यात्रा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  9. शिपींग और टुरिझाम की सेवाओं का समाचार
  10. प्रशासक सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  11. महिला सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  12. मीडिया प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  13. मेडिकल प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  14. युवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  15. वैज्ञानिक और इंजीनियर प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  16. व्यापार एवं उद्योग प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  17. शिक्षा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  18. समाज सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  19. राजनितीज्ञ सेवा प्रभाग सेवाओं का समाचार

आर्टिकल्स

सोशल नेटवर्किंग से हमें जुडे़

           

 

विश्व और भारत महत्वपूर्ण दिवस


 देश विदेश के सेवाकेंद्रो द्वारा सेवायें


 

 


 

26 अगस्त (अहमदाबाद) मुख्यमंत्रीजी को राखी बांधी. भ्राता नरेंद्र मोदीजी को ब्र.कु. सरला बहनजीने राखी बांधी .

25 अगस्त (बेंगलौर) विश्वकी सबसे बड़ी राखी. ब्राहमाकुमारीज् द्वारा आयोजित वि·ा की सबसे बडी राखी का लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड दर्ज किया गया.

Top Stories प्रमुख समाचार : मार्च  2014 


 

4 अप्रैल (आसनमोल) आध्यात्मिक प्रदर्शनी का आयोजन.

3 अप्रैल (ग्वालियर) महिला दिवस पर कार्यक्रम सम्पन्न.

2 अप्रैल (ग्वालियर) विचार दिवस समारोह.

1 अप्रैल (आबूरोड) बर्फानी बाबा के साथ बेटी बचाओ जनसंवर्धन का संदेश.

31 मार्च (भोपाल) शिवनी बहन का कार्यक्रम.

30 मार्च (बेलापूर) शान्तियात्रा का आयोजन

29 मार्च (भिलाई ) ओमशान्ति चौक का लोकार्पण.

28 मार्च (मार्गो:गोवा ) दादाजीने किया उदघाटन.

27 मार्च (भिलाई) शिवदर्शन यात्रा का आयोजन

26 मार्च (सायन:मुंबई) शांती उद्यान में महिला दिवस

25 मार्च (गुलबर्गा) 47 फिट शिवलिंग का भव्य आयोजन.

24 मार्च (नेपाल) फ्यूचर ऑफ पावर.

23 मार्च (शांतीवन) रेडिओ मधुबन ने मनाया महिला दिवस.

22 मार्च (बार्शी) महिला दिवस मनाया गया

21 मार्च (मनीपाल:कर्ना.) 35 फिट महाशिवलिंग.

20 मार्च (विलेपार्ले:मुंबई) टीवी तथा फिल्म कलाकरोंने मनाई शिवरात्री.

19 मार्च (चेंबुर:मुंबई) 40 फिट शिवलिंग दर्शन.


18 मार्च (मुंबई) नारी सुरक्षा, हमारी सुरक्षा.

17 मार्च (बैंगलौर) शिवजयंती महोत्सव.

16 मार्च (बार्शी) शिवजयंती महोत्सव

15 मार्च (चेन्नई) बारा ज्योतिलिंगम् दर्शन.

14 मार्च (बेलापूर:मुंबई) शिवजयंती महोत्सव.


13 मार्च (अजमेर) भव्य शिवलिंग का निर्माण.

12 मार्च (केशोद) शिवजयंती महोत्सव.

11 मार्च (मालाड:लिबर्टी गार्डन) गीतकार श्रवणकुमार पहुंचे शिवरात्रीपर

10 मार्च (कोरबा) शिव शंकर झाँकि.

09 मार्च (ग्वालियर) शिवजयंती महोत्सव.

08 मार्च (नासिक) डो. भटकर सेवाकेंद्रपर.

07 मार्च (मालाड:दिडोंशी) सड़क निर्माण में ब्र.कु. योगदान.

06 मार्च (ग्वालीयर:दिनलयाल नगर) शिवपार्वती झाँकि

05 मार्च (बाणेर) अमरनाथ की भव्य गुफाये

04 मार्च (बेलगाम) विश्व की सबसे बडी पतंग

03 मार्च (शांतीवन) शिव ध्वज लहराया

02 मार्च (हातीना:गुज) महिला सम्मेलनसंपन्न.

01 मार्च (गुडगांव) ओआरसी में प्रशासक डायलाग.

बीकेवार्ता सम्माननिय पाठक संख्या

13387814
आज पढनेवाले पाठक
कल पढनेवाले पाठक
पिछले सप्ताह पढनेवाले पाठक
पिछले वर्ष पढनेवाले पाठक
एक तारीखसे अब तक पढनेवाले पाठक
पिछले मास पढनेवाले पाठक
अब तक की पाठक संख्या
397
6861
45905
10979438
55124
318558
13387814

Your IP: 172.70.134.239
Server Time: 2022-10-07 00:02:46

ब्रहमाकुमारीज वर्गीकत सेवायें


  1. स्पार्क [SPARC] प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  2. सुरक्षा सेवाएँ प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  3. कला, संस्कृति प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  4. खेल प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  5. ग्राम विकास प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  6. धार्मिक प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  7. न्यायविद प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  8. परिवहन और यात्रा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  9. शिपींग और टुरिझाम की सेवाओं का समाचार
  10. प्रशासक सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  11. महिला सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  12. मीडिया प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  13. मेडिकल प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  14. युवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  15. वैज्ञानिक और इंजीनियर प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  16. व्यापार एवं उद्योग प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  17. शिक्षा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  18. समाज सेवा प्रभाग की सेवाओं का समाचार
  19. राजनितीज्ञ सेवा प्रभाग सेवाओं का समाचार

  विश्व और भारत महत्वपूर्ण दिवस


 

ब्रहमाकुमारीज वर्गीकत सेवायें

Who's Online

We have no guests and no members online

हमारी अन्य महत्वपूर्ण लिंक्स्

FrontPage Slide Show

नया मलयालम टीवी चैनल

कोच्चि: केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री, माननीय। मुरलीधरन ने ब्रह्म कुमारियों का नया मलयालम चैनल लॉन्च किया - मलयाली को समर्पित राजयोग टीवी मलयालम। यह एक पूर्ण चैनल है जो हमारी ज़रूरत की हर चीज़ वितरित करता है। भारतीय दर्शन विज्ञान और अध्यात्म का सामंजस्य है। यह चैनल ब्रह्म कुमारियों की मानवता की समग्र दृष्टि का प्रमाण है। मंत्री ने अपने…

आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र

मध्यप्रदेश के राज्य कैबिनेट मंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए ब्रह्माकुमारीज को प्रशंसा पत्र प्रदान किया मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन में ब्रह्मा कुमारिस संगठन के प्रयासों की सराहना की। मध्य प्रदेश सरकार में पशुपालन और मत्स्यपालन मंत्री और प्रभारी मंत्री श्री लखन सिंह यादव, मुरैना जिला कलेक्टर, प्रियंका दास के साथ, प्रशासन की ओर से इस…

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर

निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर   ग्वालियर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल विंग के स्थानीय सेवाकेंद्र “प्रभु उपहार भवन, माधवगंज लश्कर ग्वालियर” द्वारा निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं नि:शुल्क दवाइयां वितरण शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में परामर्श देनें के लिए डॉ. निर्मला कंचन (स्त्री रोग विशेषज्ञ), एवं…

नई टेक्नॉलॉजि(IT)

मनोरंजन